ज़िंदगी एक तलाश

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जय जगन्नाथ.

जय जगन्नाथ

जगन्नाथ के देश में, परदेसी के भेस में। खाली झोली, तेज़ है बोली – जय जगन्नाथ। पूरी के संकरे रास्तों से होते हुए आप पहुँच जायेंगे भगवान् जगन्नाथ के विशाल मंदिर। दिवाली के शुभ अवसर पे मैंने जगन्नाथ पूरी की यात्रा की।

A temple on cuttack road used as cover image for hindi poem Kulhad And Sawaal.

कुल्हड़ और सवाल

सवेरे सात बजे, बिना इज़ाज़त किसी भले मानस की काली स्कूटर पे बैठ | चेहरे पर खिलती धूप, बीच बाजार अंगड़ाई ली, हाथ पाँव लिया ऐंठ | भुबनेश्वर में सवेरे चाय पीने निकला और चाय की चुस्कियों के साथ आपके लिए ये एक छोटी सी कविता लिख डाली |


हिंदी शायरी

नितेश मोहन वर्मा द्वारा

हिंदी शायरी

“तुझे इल्ज़ाम देने का हक खो दिया मैंने।
मैं खामोश रहा, मैं भी गुनहगार हूँ।”

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“उल्टे कदम कुछ दूर चल साथ मेरे ऐ वक्त।
उन लम्हों को फिर से जी लेना चाहता हूँ मैं।”

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“भूल न जाए ये ज़माना।
ऐ मौत तेरे आने से पहले,
कुछ लफ्ज़ छोड़ जाऊँ किताबों में मैं।”