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ये वेबसाइट हिंदी कहानियों, कविताओं, मेरे ख्यालों और सुलझे-अनसुलझे सवालों का संग्रह है।

Hindi Shayari

हिंदी कहानी – झुमकी (पहला अध्याय)

रोटियां बनाते बनाते किचन की ताप में धीरे धीरे झुमकी की खूबसूरती पसीने के साथ बह चुकी थी। जब मन की टूटी उम्मीदें धीरे धीरे खामोश आक्रोश में बदल जाती हैं तो तन की खूबसूरती भी साथ छोड़ देती है।


हिंदी शायरी

नितेश मोहन वर्मा द्वारा

तुझे इल्ज़ाम देने का हक खो दिया मैंने।
मैं खामोश रहा, मैं भी गुनहगार हूँ।
उल्टे कदम कुछ दूर चल साथ मेरे ऐ वक्त।
उन लम्हों को फिर से जी लेना चाहता हूँ मैं।
भूल न जाए ये ज़माना।
ऐ मौत तेरे आने से पहले,
कुछ लफ्ज़ छोड़ जाऊँ किताबों में मैं।

हिंदी कहानी – काश

शाँत रहने वाली रेशमी। सादा रूप और सीधा व्यवहार। अपने में ही गुम रहना। मानो पूरी बस में वो अकेली हो। पीले रंग से शायद ज्यादा लगाव था उसे। कभी पीली कुर्ती, कभी पीला दुपट्टा। कभी पीली काँच की चूड़ियां,कभी पीली बिंदी। जूतियों की कढ़ाई में निखार भी पीले रंग का था।