थोड़ी सी उम्र बाकी है

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कवि अपनी प्रेमिका के इंतज़ार में अपना जीवन यूँ हीं व्यर्थ कर रहा है। वक़्त उसके लिए उसी मोड़ पर रुक गया जहाँ दोनों एक दुसरे से अलग हुए थे। इस हिंदी कविता “थोड़ी सी उम्र बाकी है” में वो अपने मन की व्यथा सुना रहा है।